ताहिर कमाल सिद्दीकी – इंदौर
परम्पराएं जो एकता की मिसाल बनी है। उसमें से एक परंपरा ऐसी ही है जो आज भी निभाई गयी। मोहर्रम पर कर्बला मैदान में महाराजा यशवंत राव होल्कर राज घराने के ज़माने से छबील (प्याऊ) लगाकर पानी व शर्बत पिलाने की 173 साल पुरानी परंपरा शेखावटी रंगरेज़ समाज द्वारा निभाई गयी। इंतेजामिया यादगारे शहीदे आज़म कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल अज़ीज़ नियाज़ी और सचिव सचिन सिंह ने बताया कर्बला मैदान पर 173वर्षों से सरकारी ताज़िये के क़रीब इमाम हुसैन की याद में पानी की प्याऊ एवं रोज़ा इफ़्तार कार्यक्रम होता है, उस सिलसिले को आज भी जारी रखा गया।। हिन्दू मुस्लिम ने मिलकर इस परंपरा को निभाया। सिलसिले को बदस्तूर जारी रखते हुए मोहर्रम की 10 तारीख को शाम 7:17 बजे रोज़ा इफ्तार के बाद लंगर आयोजित किया गया। आज 18 जुलाई को पौधे वितरित कर नातिया कलाम पढ़े जाएंगे व लंगर भी होगा। इसी तरह कर्बला मेला के आखिरी दिन 19 जुलाई को ज़िक्रे शहादत, के साथ पोधोरोपण कार्यक्रम की रखा गया है।