ताहिर कमाल सिद्दीकी | इंदौर
दुनिया के हर मुसलमान की ख्वाहिश होती है कि वह अपनी ज़िंदगी में एक बार हज ज़रुर करे, जो इस्लाम में फ़र्ज़ यानी अनिवार्य भी है। हज का फर्ज अदा कर 160 हाजियों का पहला काफिला अपने वतन हिंदुस्तान वापस लौटा। वापसी पर हाजियों के इस्तक़बाल (स्वागत) के लिए हजारों की तादाद में लोग देवी अहिल्या होलकर एयरपोर्ट पर पहुंचे। हज कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त रफत वारसी ने सभी हजयात्रियों को हज की मुबारकबाद का सन्देश भी भेजा। इंदौर एयरपोर्ट पर जिला हज कमेटी के जिला अध्यक्ष राशिद शेख के नेतृत्व में सभी हाजियों हरफूल से अगवानी कर इस्तकबाल किया गया।
जिला अध्यक्ष राशिद शेख हज पर्यवेक्षक सद्दाम पठान उपाध्यक्ष सूफी आरिफ भाई, हैदर अली महूवाला, शाहिद साबरी, अनवर देहलवी, नौशाद भाई, हुसैन खान, रिजवान भारती, भैय्या शेख, जावेद क़ुरैशी, उबेद खान, नवेद कुरैशी, जुनैद अली व अन्य पदाधिकारियों ने अपने हाथों से हाजियों को जमजम का तोहफा पेश करते हुए उन्हें हज की मुबारकबाद दी। हाजियों के आगमन से पहले जिला अध्यक्ष राशिद शेख और पर्यवेक्षक सद्दाम पठान ने अधिकारियों के साथ व्यवस्था की जानकारी ली।
जैसे ही हजयात्री आये उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे परिजनों ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया। इस वक़्त कई लोग खुशी के आंसू नहीं रोक पाए। अपनों की आंखों में आंसू देख हाजी भी भावुक हो उठे। इस वर्ष देशभर से कुल 1.75 लाख व इंदौर जिला से लगभग 1600 हाजी रवाना हुए थे। इसमें से 160 हाजियों का पहला जत्था सऊदी अरब से सीधे विमान द्वारा इंदौर वापस लौटा। मक्का-मदीना में 40 दिन हज के अरकान पूरे कर उन यादों को लेकर लौटे हाजियों के चेहरे खुशी से खिले नजर आए।
हर हाजी के लब पर एक ही जवाब था, ‘इससे बेहतर जिंदगी में और कुछ नहीं। हाजियों का विमान तय समय पर शाम साढ़े बजे एयरपोर्ट पहुंचा। स्वागत के लिए जिला हज कमेटी की ओर से स्वागत कक्ष और कुछ समय ठहरने के लिए पंडाल की व्यवस्था की गई। स्वागत के लिए भीड़ जमा होने से सुरक्षा के लिए पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया था। एयरपोर्ट से हाजियों के बाहर निकलते ही उन्हें लेने के लिए आए परिजन अपने-आप को रोक नहीं पाए। वे दौड़कर आगे बढ़े और गले लगाकर खुशी का इजहार किया। हजयात्रियों ने एयरपोर्ट पर जिला प्रशासन द्वारा किए गए सहयोग का भी आभार माना।