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साइबर सुरक्षा को लेकर सावधान रहने की जरूरत-डॉन वरुण कपूर”ब्लैक रिबन इनिशिएटिव” “संकल्प” अभियान के अंतर्गत 660वीं कक्षा के छात्रावास

ByTcs24News

Feb 29, 2024
साइबर सुरक्षा को लेकर सावधान रहने की जरूरत-डॉन वरुण कपूर”ब्लैक रिबन इनिशिएटिव” “संकल्प” अभियान के अंतर्गत 660वीं कक्षा के छात्रावास

भापोल गुलशन परुथी (“ब्लैक रिबन इनिशिएटिव” “संकल्प” के तहत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर द्वारा डी विनर्स इंस्टीट्यूट, इंदौर में “साइबर क्राइम एंड साइबर सिक्योरिटी” विषय पर 660वीं कक्षा दिनांक 27.02.2024 को संस्थान में आयोजित किया गया। 362 छात्र-छात्रयें 08 व्याख्यातागण लुप्त हो गये। इस कार्यशाला में संस्थान के संचालक श्री आदित्य पटेल, प्रबंधक श्री मनोज मोर्य एवं अमीरजा मनेजर प्रबंधक-प्रसून बर्वे, क्वालिटी मेनेजर-अविनाश टेलर, ग्रेजुएट-उन्नति जैन, ए.एस.आई. सोसाइटी सोसायटी एवं लाइव क्लास एसोसियेट श्री निखिल हर्ले एसोसिएटेड एसोसिएट। इंस्टिट्यूट के निदेशक श्री आदित्य पटेल डॉ. वरुण कपूर द्वारा पुष्पगुच्छ भेट कर का स्वागत किया गया।
वर्कशॉप में डॉ. साइबर अपराध से बचाव के लिए सभी को साझा प्रयास करने का आह्वान करते हुए कपूर ने बताया कि साइबर अपराध एक वैश्विक समस्या है। इससे बचाव के लिए साइबर सुरक्षा अहम है। तकनीकी विकास के इस दौर में वैज्ञानिक एवं सुरक्षा के मानदंडों को पूरा करना एवं समाधान निकालना आवश्यक है। साइबर फिल्म के हमले से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को साक्षात्कार के साथ ही एकजुट होना होगा। साइबरस्पेस का उपयोग करते समय हम गलती से अपराधी बन सकते हैं। हमारे दैनंदिन के नाव में कंप्यूटर एवं स्मार्ट फ़ोन का उपयोग आम हो गया है। ऐसे में खतरा हमेशा बना रहता है। हमारी जरा-सी असावधानी हमें साइबर क्राइम की घटना का शिकार बना सकती है। स्मार्ट फोन हो या कंप्यूटर हमें बताएं सुरक्षाकर्मी को लेकर सावधान रहना जरूरी है। प्रत्येक व्यक्ति दैनिक इंटरनेट का उपयोग कर रहा है। हम अपने डेली काॅलेज के साथ ही सोशल मीडिया, फेसबुक, ग़ालिब के माध्यम से दुनिया के किसी भी हिस्से में अपनी पहुंच बना रहे हैं। यह प्रोडायौगिकी एक चमक होने के साथ ही हमारे लिए कई खतरे भी है। अपराधी वर्ग साइबर अपराध बुलिंग, स्टॉकिंग, फिशिंग एवं ग्रुमिंग आदि के माध्यमों से साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। साइबर अपराध से बचाव के लिए सुरक्षा मानदों पर ध्यान दें। अनन्या व्यक्ति के मित्र रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। अनन लिंक पर क्लिक करें. अनन वीडियो कॉल स्वीकार न करें। किसी के भी लालच/प्रलोभन से बच। पिन नंबर एवं रिकॉर्ड किसी से भी साझा न करें, ब्लास्ट, धमाका या ब्लेकमेल करने की होने वाली स्थिति पर स्थापित अपने ज्वालामुखी पुलिस एवं को सूचित करें। सोशल मीडिया, ईमेल अकाउंट, नेट नेटवर्क, ई-वॉलेट आदि के पासवर्ड समय-समय पर खाते रहें और किसी से शेयर न करें। जिम्मेदारी एवं जिम्मेदारी के साथ सायबर स्पेशल का उपयोग करें। डॉ. कपूर ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे स्व-नियंत्रण रखें। युवाओं के लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग की आदतें जानलेवा हो सकती हैं। ऑन-लाइन गेमिंग में ज्यादातर समय इंटरेस्ट करने के कारण गेमिंग डिसआर्डर का भी शिकार हो रहे हैं। इससे बचने के लिए ऑनलाइन गेमिंग सैट पर जाएं। अपने माता-पिता और गुरुजनों की जाने वाली निगरानी को सहज रूप से स्वीकार करें जो आपके लिए हित में है।
डॉ. वरुण कपूर द्वारा छात्र-छात्रों की जिज्ञासा का समाधान सहजता से किया गया। छात्रावास में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दो छात्र क्रमशः अभय एवं संतोष को डॉ. कपूर ने प्रमाणित प्रमाण-पत्र एवं गोल्डन बैज प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में इंस्टीट्यूट के निदेशक श्री आदित्य पटेल डॉ. द्वारा। वरुण कपूर को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
संस्था के सफल संचालन में सहा. शत्रु श्रीमती नीति दंडोतिया, पर्यवेक्षक श्रीमती पोटा बिल्डर और उनकी टीम के सदस्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

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