देश में पैदल विहार कर रहे संत सतियों को शासन प्रशासन दे कड़ी सुरक्षा – पवन नाहर गुजरात घटना पर त्वरित कार्यवाही करें सरकार – अनिल जैन।
ब्यूरो चीफ रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी | झाबुआ | थांदला अहिंसा के अवतार श्रमण भगवान महावीर के सिद्धांतों का पालन करते हुए जैन धर्म के संत सतिया राजकीय सुविधा का उपभोग किये बिना आरधना मय जीवन बिताते है। वे अपने जीवनकाल में जीवदया के भाव रखते हुए सकल विश्व को सत्य अहिंसा व शांति से जीवन जीने का पाठ पढ़ाते है। आज सकल विश्व में जैन समाज को कौतूहल रहित सभ्य व शांति से रहने वालें समाज के रूप में जाना जाता है ऐसे में जैन धर्म के सजग प्रहरी आत्मसाधकों पर अभद्रता हमला घोर निंदनीय है।
यह देश के किसी भी राज्य में हो अक्षम्य अपराध की श्रेणी में आता है इसलिए ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन नाहर इसके लिए अनेकों बार शासन प्रशासन से मिलकर पैदल चल रहे संत सतियों को मार्ग में कड़ी सुरक्षा की मांग करते रहे है। यही कारण है कि आज महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित अनेक राज्यों में स्थानीय शासन प्रशासन संत सतियों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है तो अनेक स्थान निष्क्रिय भी है। यही कारण है कि यदा-कदा जैन समाज को व्यथित करने वाली अप्रिय घटना सामने आ जाती है ऐसे में नाहर ने देश के राष्ट्रपति महामहिम द्रोपदी मुर्मू व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से देश में पैदल चलने वालें सभी सम्प्रदाय समाज के संत सतियों को कड़ी सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। आईजा के मध्यप्रदेश मंत्री प्रदीप जैन, प्रदेशाध्यक्ष राजकुमार हरण, प्रदेश प्रभारी दीपांशु जैन, उपाध्यक्ष समकीत तलेरा ने इस हेतु स्थानीय प्रशासन को एक ज्ञापन दिया है। वही अखिल भारतीय श्री जैन श्वेतांबर युवक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दसेड़ा, प्रदेश महामंत्री प्रसन्न जैन ने बताया कि 27 मई को गुजरात राज्य के भरूच में जैनाचार्य पूज्य श्री नीतिसुरीजी म. सा. के समुदाय की साध्वीजी मंगलवर्धना श्रीजी म. सा. आदि ठाणा 6 भरूच से देरोल की और विहार कर रहे थे।

