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दिल्ली में ताज एक्सप्रेस की तीन बोगियों में लगी आग, सभी पैसेंजर्स सुरक्षित।

ByTcs24News

Jun 4, 2024
दिल्ली में ताज एक्सप्रेस की तीन बोगियों में लगी आग, सभी पैसेंजर्स सुरक्षित।

पवन परुथी | म.प. | नई दिल्लीः दिल्ली से झांसी के बीच चलने वाली ताज एक्सप्रेस की बोगियों में सोमवार शाम आग लग गई. घटना दिल्ली के सरिता विहार की है. कोच में आग लगने के बाद यात्रियों में अफरा तफरी मच गई. यात्री सामान लेकर ट्रेन से नीचे उतरकर दूर भागने लगे. डर के कारण अन्य कोच के यात्री भी बाहर आ गए. सूचना मिलते ही डीआरएम समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं. आग पर काबू पा लिया गया है. ट्रेन झांसी के लिए रवाना हो गई है. ट्रेन में 1500 यात्रियों की बुकिंग थी.

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि नई दिल्ली से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी के बीच चलने वाली ताज एक्सप्रेस के जनरल कोच में सबसे पहले आग लगी. हादसे में कोई जनहानि नहीं है. आग लगने से पहले ही यात्री ट्रेन से नीचे उतर गए थे. सबसे पहले जनरल कोच में आग लगी थी. इसके बाद उसके दोनों तरफ के कोच में भी आग लग गई.

तीन बोगी जलीः उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है. फिलहाल आग पर काबू पाया जा रहा है. कोच नंबर डी 3, डी 4, डी 2 आग लगने से चल गए हैं. वहीं, रेलवे डीसीपी ने बताया कि दमकल की 6 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया है. आग बुझा दी गई है. जानकारी के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को कोई चोट या नुकसान नहीं हुआ है.उन्होंने बताया कि ट्रेन में आग लगने की सूचना पीसीआर को शाम 4.41 बजे मिली. मौके पर पाया गया कि ताज एक्सप्रेस ट्रेन के तीन डिब्बों में आग लगी है. ट्रेन को रोक दिया गया है. कोई हताहत नहीं हुआ है, क्योंकि यात्री दूसरे डिब्बों में चले गए हैं और उतर गए हैं. रेलवे की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है.

8 घंटे से ज्यादा लेट चली थी ट्रेनः ट्रेन नंबर 12280 ताज एक्सप्रेस 8 घंटे 40 मिनट से अधिक देरी से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से झांसी के लिए चली थी. अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन देरी से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंची थी. ट्रेन सुबह 6:55 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से झांसी के लिए चलनी थी, लेकिन ट्रेन समय से नहीं पहुंची. इस वजह से इस ट्रेन का संचालन वापसी में दोपहर 3:28 बजे शुरू हुआ. ट्रेन के गंतव्य पर पहुंचने के बाद ट्रेन का मेंटेनेंस का काम किया जाता है, जिससे ट्रेन के साथ कोई हादसा न हो. इसके बाद ही वापसी में ट्रेन का संचालन किया जाता है.

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