जीवाजी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को स्कूल ऑफ बॉटनी के पूर्व छात्रों (1992 बैच) द्वारा प्रोफेसर अविनाश तिवारी के मुख्य आतिथ्य में पुनर्मिलन सभा का आयोजन किया गया।

विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में बैच के अधिकांश छात्र उपस्थित थे, जो वर्तमान में मध्य प्रदेश के बाहर सरकारी और निजी क्षेत्रों में सेवारत हैं। प्रोफेसर अविनाश तिवारी ने पूर्व छात्रों के साथ लगभग 31 वर्ष पूर्व के संस्मरण सुनाये जब वनस्पति विभाग पंचमढ़ी सतपुड़ा, भेड़ाघाट गये थे।

कार्यक्रम के दौरान वर्तमान अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो.महेंद्र कुमार गुप्ता एवं तत्कालीन शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। प्रोफेसर आरकेएस चौहान, प्रोफेसर शशि चौहान, प्रोफेसर केके कौल और प्रोफेसर एके जैन ने पूर्व छात्रों को संबोधित किया और अपनी पुरानी यादें ताजा कीं। पूर्व छात्रों में मुंबई से डॉ. रितु दीक्षित, हिमाचल प्रदेश से अश्विनी शर्मा और राजस्थान से कोटा शामिल हैं।

पंजाब से केसी शर्मा, जसविंदर और अमरजीत के साथ ही स्थानीय छात्र अनिल झा, चित्रा नवरंगे, भानु सक्सैना, गोपाल मिश्रा आदि अपने परिवार के साथ मौजूद रहे। सभी ने अपने वनस्पति विज्ञान अध्ययन विद्यालय का दौरा किया। प्रो.वाई. डी. त्यागी बॉटनिकल गार्डन, क्लास रूम, सेमिनार हॉल और नव स्थापित प्रयोगशालाओं को देखकर सभी खुश हुए।
पूर्व छात्र केसी शर्मा ने कहा कि एसओएस बॉटनी के कारण ही हम आज हैं; एसओएस बॉटनी के मूल्य हमारी प्रत्येक कोशिका में अंतर्निहित हैं। हिमाचल प्रदेश के अश्विनी शर्मा ने कक्षा के पुराने शिक्षकों की यादें सुनाकर सभी को खूब हंसाया। इस कार्यक्रम में बैच के वरिष्ठ छात्र और जेयू के पूर्व कार्य परिषद सदस्य डॉ. शिवेंद्र सिंह राठौड़ भी मौजूद थे। पूर्व छात्रों द्वारा सभी शिक्षकों को माला एवं साफा पहनाया गया। आदरपूर्वक सम्मानित किया गया। प्रो.तिवारी ने अंत में कहा कि ऐसे आयोजन बड़े पैमाने पर होने चाहिए।