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जामिया के राजिस्ट्रार और प्रोफेसर के खिलाफ़ जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन।

ByTcs24 News

Aug 10, 2024
जामिया के राजिस्ट्रार और प्रोफेसर के खिलाफ़ जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन।जामिया के रजिस्ट्रार और प्रोफेसर के विरोध में जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया गया। इस विरोध के पीछे के कारणों की जानकारी लें।


महेश ढौंडियाल – दिल्ली

वीर अर्जुन संवाददाता। वाल्मीकि चौधरी सरपंच कमेटी दिल्ली प्रदेश के नेतृत्व में आज दिल्ली सर्व समाज और बाल्मिकी महापंचायत ने जामिया के रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल हुए और मांग की कि आरोपी रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को तुरंत निलंबित किया जाय।

जैसा कि सभी को पता है, कि जामिया में सहायक पद पर कार्यरत बाल्मिकी समाज के राम निवास सिंह पर जबरिया धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न का आरोप जामिया के प्रो. नजीर हुसैन जाफरी (कार्यवाहक-रजिस्ट्रार), नसीम हैदर (डिप्टी रजिस्ट्रार) एवं शाहिद। तसलीम (विभागाध्यक्ष, विदेशी भाषा) के खिलाफ लगाया है। इसलिए सर्व समाज के लोगो ने जंतर मंतर के मंच से मांग की है कि इनकी अविलंब गिरफ्तारी की जाय एवं आवश्यक कार्रवाई की जाय। महापंचायत ने जामिया के उच्च अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि यहां दलित, शोषित एवं बाल्मीकि समाज के लोगो पर दिल्ली के जामिया-मिलिया इस्लामिया केंद्रीय विश्वविद्यालय में वर्षों से घोर अत्याचार और अन्याय हो रहा है। लेकिन अब तो बात धर्म परिवर्तन तक आ चुकी है इसलिए हमें सबको जागना होगा।

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बाल्मीकि समाज के लोगो ने मंच से बोलते हुए कहां कि यह दुख का विषय है कि देश के एक उच्च शिक्षण संस्थान द्वारा उसके विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों-
द्वारा प्रो. नजीर हुसैन जाफरी (कार्यवाहक-रजिस्ट्रार), नसीम हैदर (डिप्टी रजिस्ट्रार) एवं शाहिद तसलीम (विभागाध्यक्ष, विदेशी भाषा) द्वारा लगातार जातिसूचक शब्दों एवं गालियों से पुकार कर अपमानित करने के साथ धर्मांतरण के लिए निरंतर दबाव बनाते हुए कहते रहे कि-तेरी सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा, तू ईस्लाम धर्म अपना ले। पहले भी इस विश्वविद्यालय एवं अन्य कई शैक्षणिक संस्थाओं में कई हिंदू, मुस्लिम धर्म अपना चुके हैं। हिंदू धर्म में क्या रखा है, वहां सिर्फ पाखंड ही पाखंड है। बाल्मीकि समाज के लोगों का कहना है कि यह आन्दोलन तब तक चलेगा जब तक कि उक्त तीनों को उनके पद से नहीं हटाया जाता और गिरफ्तार किया जाता । क्योंकि पीड़ित को भय है कि जब तक यह लोग यहाँ पर हैं वे किसी भी गलत केस में फंसा सकते हैं। समाज के लोगों का कहना है कि हम जाति के आधार पर हो रहे भेदभाव और धर्मांतरण करने के लिए बनाए जा रहे दबाव का विरोध करते हैं इसके खिलाफ शांतिप्रिय धरने का एलान करते हैं।

साथ ही हम घोषणा करते है कि यदि उपर्युक्त वर्णित तीनों आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई तो, समस्त दलित, बाल्मीकि और सर्व समाज के लोग आंदोलन के लिए सड़कों पर अपना विरोध जाहिर करने के लिए विवश होंगे।

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