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क्राइम ब्रांच ग्वालियर की सायबर क्राइम विंग की कार्यवाही।

ByTcs24News

Aug 2, 2024
क्राइम ब्रांच ग्वालियर की सायबर क्राइम विंग की कार्यवाही।ग्वालियर में क्राइम ब्रांच की साइबर क्राइम विंग ने साइबर अपराधों को संबोधित करने और उनका मुकाबला करने, डिजिटल सुरक्षा और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए निर्णायक कार्रवाई की है।

संदीप शुक्ला – ग्वालियर

  • वीडियो कॉल पर डिजिटल हाउस अरेस्ट कर 38 लाख की ठगी करने वाले गैंग के दो सदस्यों को पुलिस ने भोपाल से किया गिरफ्तार।
  • पकड़े गये आरोपियों द्वारा फ्रॉड की राशि को यूएसडीटी के माध्यम से आगे अपने साथियों को यूएई एवं चीन में भेजा जा रहा था।
  • पकड़े गये आरोपी लईक बेग के मोबाइल के ट्रांजेक्शन देखने पर ज्ञात हुआ है कि उसके द्वारा करोड़ों रुपये को यूएसडीटी में परिवर्तित कर भारत एवं विदेश (यूएई, चीन) के अपने अन्य साथियों को भेजा जा रहा था।

पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भापुसे) को आवेदिका डॉ. सुजाता बापट द्वारा शिकायती आवेदन पत्र प्रस्तुत किया कि, उसके पास दिनांक 09.04.2024 को राजीव गुप्ता नाम के व्यक्ति का कॉल आया था और उसने बोला कि वह डीएचएल से बात कर रहा है। आपका एक पार्सल लखनऊ से म्यांमार के लिए बुक हुआ है जिसमें 20 पासपोर्ट, तीन क्रेडिट कार्ड, एक लैपटॉप, 50 ग्राम एमडीएमए और 04 किलोग्राम क्लॉथ हैं। बुकिंग एड्रेस ए-16 ओमनगर रोड पवनपुरी आलमबाग लखनऊ से हुआ है। रिसीवर का एड्रेस जॉन डेबिड नि० हाउस न0 207 सिटी डेगान स्टेट यांगून म्यांमार बताया। मैने उसको मना किया कि मेरा पार्सल नहीं है तो उसने बोला कि कुछ गड़बड़ है तुरन्त आप आलमबाग पुलिस स्टेशन में शिकायत करें। मैने कहा कि मैं तो ग्वालियर में हूँ, तो उसने बोला कि मैं आपकी कॉल पुलिस स्टेशन कनेक्ट करता हूँ। तो उसने बोला कि आप टेलीग्राम यूज करती हैं तो मैने कहा नही जिस पर उसने टेलीग्राम डाउनलोड करने के लिये कहा जिस पर से मैने टेलीग्राम डाउनलोड करके चालू कर लिया। फिर टेलीग्राम पर वीडियो कॉल आया उस वीडियो में एक पुलिस यूनिफार्म का व्यक्ति पुलिस स्टेशन जैसे कमरे जिसमे पुलिस से संबंधित झंडा, पुलिस जैसा लिखा हुआ दिखा, तो वह बोला आपका केश सीबीआई के पास है। आपका नाम अजय मिश्रा केस ह्यूमन ट्रैफिकिंग व मनी लॉन्ड्रिंग में संदिग्ध है, मै सीबीआई ऑफीसर से आपकी बात कराता हूँ। उसने किसी से बोला कि मैडम से बात करिये सर तो उस व्यक्ति ने बोला कि मैडम को अरेस्ट करो उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट व असेट सीज आर्डर है। पुलिस वाले ने कहा कि मैडम का आधार व बाकी की जानकारी से लग रहा है कि मैडम निर्दोष हैं। उसने फिर पुनः सीबीआई ऑफीसर से मेरी बात कराई तो सीबीआई ऑफीसर ने मुझसे कहा कि म्यांमार में 60 लोगों के आँखें, नाक, कान निकाल लिये हैं जो ह्यमून ट्रेफिकिंग में है उनके परिवार के 3 करोड 80 लाख रुपये आपके एचडीएफसी अकाउन्ट में आये है तो मैने कहा कि मेरा अकाउंट एचडीएफसी बैंक में नहीं तो उन्होने कहा कि आपके कहाँ-कहाँ अकाउंट है जिस पर मेरे द्वारा अपने बैंक अकाउंटस की जानकारी उनको दे दी गई। फिर उनके द्वारा कहा गया कि इसके बारे में आप अपने परिवार के किसी भी व्यक्ति से बात नही करेगी और न ही किस का कॉल रिसीव करेंगी। उन्होने एक कॉन्फीडेन्सियल एग्रीमेन्ट का लेटर भी मुझे भेजा था। मेरे द्वारा फोन पर बात कर रहे व्यक्तियों के अनुसार 38 लाख रुपये उनके बताये बैंक खातों मे ट्रांसफर कर दिये गये थे। लेकिन मेरे द्वारा अपने पैसे जब वापस माँगे जाने पर उनके द्वारा पैसे वापस नहीं किये गये तब मुझे ज्ञात हुआ कि मेरे साथ ठगी हुई है। आवेदिका की शिकायत को गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने आवेदिका की शिकायत पर कार्यवाही करने हेतु अति0 पुलिस अधीक्षक(अपराध) श्री षियाज़ के.एम. (भापुसे) को सायबर क्राइम टीम से उक्त शिकायत पर तत्काल कार्यवाही करवाने हेतु निर्देशित किया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के परिपालन में एएसपी अपराध श्री आयुष गुप्ता(भापुसे) तथा डीएसपी अपराध श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी श्री अजय सिंह पंवार एवं निरीक्षक श्री राजेश तोमर ने उक्त आवेदन पर त्वरित कार्यवाही हेतु सायबर क्राइम टीम को आदेशित किया। सायबर क्राईम टीम द्वारा आवेदिका की शिकायत पर से अपराध क्रमांक 037/2024 धारा 420 भादवि 66डी आईटी एक्ट पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। दौराने विवेचना ज्ञात हुआ कि जिन दो खातों में अज्ञात आरोपी द्वारा आवेदिका डॉ. सुजाता वापट को गिरफ्तारी का डर दिखाकर 38 लाख रुपये ट्रांसफर कराये गये हैं उन खातों से ठगी की राशि कई अलग-अलग बैंक खातों मे ट्रांसफर की गई है। तकनीकी जानकारी के आधार पर इन खातों में से एक खाता को चिन्हित किया गया जिसमें राशि पहुँची थी वह खाता भोपाल का होना पाया गया।

जिसके खाताधारक की गिरफ्तारी हेतु एक टीम निरीक्षक राजेश सिंह तोमर के नेतृत्व मे भोपाल रवाना की गई। आरोपी खाताधारक शाहरुख खान पुत्र आसिफ खान निवासी एशबाग भोपाल एवं उसके साथी लईक बेग पुत्र नफीस बेग निवासी बुधवारा भोपाल को गिरफ्तार किया गया। दोनांे आरोपीगणों से पूछताछ की एवं उनके मोबाइल फोन की जाँच की गई तो पाया गया कि आरोपी लईक बेग अपने चाइनीज एवं यूएई के साथियों के मिलकर इस तरह के सायबर फ्रॉड मे शामिल हैं, यह फ्रॉडस्टर चीन एवं यूएई से ऑपरेट कर रहे हैं। इन लोगों के द्वारा फ्रॉड की राशि को यूएसडीटी के माध्यम से आगे अपने साथियों को यूएई एवं चीन में भेजा जा रहा है। उक्त आरोपीगणों के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। आरोपीगणों से पूछताछ की जा रही है कि उनके द्वारा अभी तक कितने व्यक्तियों के साथ इस तरह का फ्रॉड किया गया है। लईक बेग के मोबाइल से ट्रांजेक्शन देखने पर ज्ञात हुआ है कि उसके द्वारा करोड़ों रुपये को यूएसडीटी में परिवर्तित कर भारत एवं विदेश (यूएई, चीन) के अपने अन्य साथियों को भेजा जा रहा है। पकड़े गये आरोपीगणों से पुलिस टीम द्वारा विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी:-

1. शाहरुख खान पुत्र आसिफ खान निवासी एशबाग भोपाल

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2. लईक बेग पुत्र नफीस बेग निवासी बुधवारा भोपाल

आमजन के लिये सूचना:-

कानून में डिजिटल हाउस अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है यदि आपके पास ऐसा कोई कॉल आता है जिसमें अपने आप को पुलिस अधिकारी बताकर आपके पार्सल या आपके दस्तावेजों पर कोई अवैध कार्य होना बताकर डिजिटल हाउस अरेस्ट किया जाता है तो इसकी शिकायत अपने संबंधित पुलिस थाने में करें।

सराहनीय भूमिका:-

थाना प्रभारी क्राईम ब्रांच ग्वालियर श्री अजय पवार, निरी0 राजेश तोमर, उनि0 धर्मेन्द्र शर्मा, हरेन्द्र सिंह राजपूत, कीर्ति अजमेरिया, रवि सिंह लोधी, प्रआर0 सुनील शर्मा, प्रआर0 सतेन्द्र कुशवाह, प्रआर0 मुकेश चौहान, सुरेन्द्र सिंह, आर0 ओमशंकर सोनी, शिवशंकर शर्मा, सुमित भदौरिया, श्यामू मिश्रा, गौरव भदौरिया, नवीन पाराशर, हरिओम व्यास, मआर0 सुनीता कुशवाहा, मेघा श्रीवास्तव, प्र.आर. संजय जादौन, आर. कपिल की सराहनीय भूमिका रही।

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