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आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा- स्वप्निल कोठारी

ByTcs24 News

Jun 27, 2024
आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा- स्वप्निल कोठारीस्वप्निल कोठारी का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

ताहिर कमाल सिद्दीकी | इंदौर |

स्टेट प्रेस क्लब मध्यप्रदेश द्वारा जाल सभागार में आयोजित तीन दिवसीय भारतीय पत्रकारिता महोत्सव के विभिन्न सत्रों में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ आदि प्रदेशों से आए पत्रकारों एवं संपादको ने समसामयिक विषयों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान अर्थव्यस्था से जुड़े सत्र का विषय 5 ट्रिलियन डालर की इकोनामी और कर्जा था। इस विषय पर अर्थशास्त्री डॉ. किशोर गावण्डे, शिक्षाविद एवं विचारक स्वप्निल कोठारी, वरिष्ठ पत्रकार निमिष कुमार दुबे, डेली कॉलेज बिजनेस स्कूल की प्रभारी सोनल सिंह सिसोदिया और टीनू जैन ने भी अपनी बात रखी। दिल्ली से पधारे वरिष्ठ पत्रकार निमिष् कुमार दुबे ने कहा कि भारत को विकसित बनाने की चर्चा 90 के दशक में उस समय हुई जब वेश्वीकरण, उदारीकरण और निजीकरण के शब्द चारों और गुजने लगे। हालाँकि कुछ नेताओ ने हमें बड़े बड़े सपने अधिक दिखाये लेकिन उनको पूरा होने के तरीके नही बताए। अगर हम अपने यहाँ चीन का ही माल बेचते रहेगे तो भारत कभी भी 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था वाला देश नही बन पायेगा।

शहर के मशहूर शिक्षाविद एवं विचारक स्वप्निल कोठारी ने कहा कि आने वाले कुछ वर्षो में भारत जापान और जर्मनी की अर्थव्यस्था को पीछे धकेल कर दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जायेगा। इस समय अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी की विकास दर से बेहतर भारत की विकास दर है। भारत की विकास दर 7 प्रतिशत है जबकि चीन की 5 प्रतिशत, अमेरिका की 2 प्रतिशत, जापान की 3 प्रतिशत और जर्मनी की नगण्य है।

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कोठारी ने आगे कहा कि सन 2030 में भारत का वर्क फोर्स उसकी आबादी का 20 प्रतिशत होगा। मध्यम वर्ग 21 प्रतिशत होगा। आने वाले वर्षो मे भारत का उपभोग बढ़ेगा। भारतीयो की आकांक्षा बढ़ रही है। असंगठित क्षेत्रों का दायरा भी बढ़ा है जिसे अब संगठित क्षेत्र मे बदलना है जो इतना आसान भी नही है।
श्री कोठारी ने आगे कहा कि भारत को बड़े बड़े इकोनामिक ज़ोन बनाने होंगे। अधोसरंचना पर अधिक ध्यान होगा, जो वेल्थक्रिएटर है उनके प्रति समाज नकारात्मक भाव नहीं रखे।

इंदौर के कमिशनर और आईडीए के अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि सबसे कठिन विषय अर्थशास्त्र है। जो लोग योजनाये बनाते है और कियांवित् करते है उनकी नीयत साफ होना चाहिए। भारत विविधता का देश है और यही विविधता इस देश की ताकत है। वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉ . किशोर गावंदे ने भी विचार रखे। इस मौके पर अतिथियों ने राष्टीय छायाचित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। अतिथि स्वागत प्रवीण खारीवाल, आकाश चोकसे, संदीप जोशी सोनाली यादव, दीपक मंत्री, सुदेश गुप्ता ने किया। संचालन आलोक वाजपेयी ने किया।

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